हर चोट दिल पे खायी है

Mat Dhundh Hamare Jism Par Zakhamo Ke Nishan
मत रख हमसे वफा की उम्मीद;
हमने हर दम बेवफाई पायी है;
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान;
हमने हर चोट दिल पे खायी है !!


Mat Rakh Hamse Wafa Ki Ummid;
Hamne Har dam Bewafai Payi hai;
Mat Dhundh Hamare Jism Par Zakhamo Ke Nishan;
Hamne Har chot Dil Pe Khayi Hai !!

मल्हम लगाने वाले ही जखम दे जाते हैं

Paas Aa Kar Sabhi Dur Chale Jate
पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
अकेले थे हम अकेले ही रह जाते हैं,
इस दिल का दर्द दिखाएँ किसे,
मल्हम लगाने वाले ही जखम दे जाते हैं !!


Paas Aa Kar Sabhi Dur Chale Jate,
Akele The Ham Akele Hi Rah Jate Hai,
Is Dil Ka Dard Dikhaya Kise,
Marham Lagane Wale Hi Zakham De Jate Hai !!

ज़ख्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें

ज़ख्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें,
हम खुद निशान बन गए वार क्या करें,
मर गए हम मगर खुलो रही आँखें,
अब इससे ज्यादा इंतज़ार क्या करें ||


Jakham Itane Gahre Hai Ijahar Kya Kare,
Ham Khud Nishana Ban Gaye Waar Kya Karen,
Mar Gaye Ham Magar Khuli Rahi Aakhe ,
Ab Isse Jayada Intejar Kya Kya Kare !!